Saturday, February 2, 2013

छोड़िये इस बात की चर्चा बेमानी है ......

छोड़िये  इस बात की चर्चा बेमानी है 
किसका खून खून है, किसका खून पानी है 

जज्बातों को बेचकर उसने यह दौलत पाई है 
अब इस जहाँ में कौन उसका सानी है 

गरीबो के बच्चे कभी खूबसूरत नहीं होते 
इस दुनिया में बस दौलत का ही चेहरा नूरानी है 

हमारे  बस की बाते नहीं है ये सब 
इस दौलत से प्यार के किस्से और कहानी है 

उसकी नौकरी सिफारिशों के बीच दम तोड़ गयी 
अब उसे चोरी करने में क्यों शर्म आनी  है 

क्या फर्क उसके हाथो में बन्दूक हो या तलवार 
कौन जाने उसकी किस्मत में  भोजन कितना पानी है 

महसूस होते है जब किसी बेक़सूर के आंसू 
दिल सुलग उठता है बस इतनी परेशानी है 

छोड़िये इस बात की चर्चा बेमानी है 
किसका खून खून है किसका खून पानी है 

- स्नेहा गुप्ता 

11 comments:

  1. Replies
    1. Bahut bahut dhanyawaad, Kavita Ma'am :)

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  2. छोड़िये इस बात की चर्चा बेमानी है
    किसका खून खून है किसका खून पानी है

    वाह बहुत लाजवाब, शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  3. बहुत सुंदर रूप से सत्य को उजागर किया है....लम्बे अंतराल के बाद आन हुआ आपके ब्लॉग पर स्नेहा जी

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  4. बसंत पंचमी की शुभकामनाएँ !!!

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मेरा ब्लॉग पढ़ने और टिप्पणी देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.